संगीत का कोई मज़हब, कोई ज़बान नहीं होती। 'रेडियोवाणी' ब्लॉग है लोकप्रियता से इतर कुछ अनमोल, बेमिसाल रचनाओं पर बातें करने का। बीते नौ बरस से जारी है 'रेडियोवाणी' का सफर।

Sunday, June 3, 2007

मिल गया मिल गया, पुराने गीत ‘लारा लप्‍पा’ का वीडियो मिल गया । Film: ek thi ladki

आप इस गाने का शीर्षक देखकर चौंके होंगे । पुराने संगीत के क़द्रदानों को बहुत कुछ याद आ गया होगा, सबसे पहले नीचे बने विजेट पर क्लिक कीजिये और इस गाने को सुन ली‍जिये ।

Laare_Lappaa_Laare...


और अगर देखना हो तो ये रहा यू ट्यूब



ये रहे इस गाने के बोल
लारा लप्‍पा लारा लप्‍पा लाई रखदा

अडी टप्‍पा अडी टप्‍पा लाई रखदा

हो देकर झूठे लारे

लारा लप्‍पा लारा लप्‍पा लाई रखदा

अडी टप्‍पा अडी टप्‍पा लाई रखदा ।।

बाबू जी की बात निराली

दिल भी खाली जेब भी खाली

फिर भी अकड़ दिखाएं रे

समझ ना आए रे ।।

लारा लप्‍पा लारा लप्‍पा ।।

बाबू जी से मांगे पैसे

बाबूजी बोले पैसे कैसे

जा लेन देन पर ख़ाक़, मुहब्‍बत पाक़, बड़े फरमा गए हैं ।।

लेन देन पर ख़ाक़, मुहब्‍बत पाक़ बड़े फरमा गये हैं ।।

लारा लप्‍पा लारा लप्‍पा ।।

आजकल के जेन्‍टलमैन, रहते हैं हरदम बेचैन ।।

खाली जेब मटकते हैं, काम करें ना काज, फिर भी अकड़ दिखाएं ।।

हो बाबूजी फिर भी अकड़ दिखाएं ।।

आजकल की नारियां, हैं मुफ्त की बीमारियां

रात दिन मर्दों से लड़ने की करें तैयारियां ।

काम कुछ करती नहीं और बांधती साड़ीयां

लारा लप्‍पा लारा लप्‍पा लाई रखदी

अडी टप्‍पा अडी टप्‍पा लाई रखदी ।

लारा लप्‍पा लारा लप्‍पा लाई रखदा

अडी टप्‍पा अडी टप्‍पा लाई रखदा

फिक्र क्‍यों करते हो साहिब ये भी कर दिखलायेंगे

वक्‍त आयेगा तो इस कुर्सी पे हम डट जायेंगे ।

लारा लप्‍पा लाई रखदा ।।


जिनका ताल्‍लुक पुराने फिल्‍म संगीत से है उन्‍हें ये गाना बखूबी याद होगा । अपने दौर के तूफानी गानों में इस गाने का शुमार होता है । मैं बार बार इसे रेडियो पर मौक़ा लगने पर बजाता हूं और हर बार सुनकर यही लगता है कि आखिर ये गीत सन 1949 का कैसे हो सकता है । आप भी इसे सुनिए और अहसास कीजिए कि ये अपनी कंपोजिंग और गायकी में अपने ज़माने से कितना आगे है । हां एक बात की तरफ आपका ध्‍यान खींचना है और वो है लता जी की गायकी ।

कितनी मासूम आवाज़ है इस गाने में लता जी की । दरअसल सन 1949 का ज़माना वो था जब लता जी फिल्‍म-संसार में अपने पैर जमाने में जुटी थीं । इसी साल राजकपूर की फिल्‍म बरसात आई थी । और हवा में उड़ता जाए रे मेरा लाल दुपट्टा मलमल का—जैसे गानों ने लता जी को प्रतिष्ठित गायिका बना दिया था । इस गाने की पुरूष आवाज़ों को पहचानिए । ये मो0 रफी और जी0 एम0 दुर्रानी की आवाज़ें हैं ।
आपको ये भी बता दूं कि ये गीत फिल्‍म ‘एक थी लड़की’ का है । और मीना शौरी और मोती लाल पर फिल्‍माया गया है । मीना शौरी तो बाद में लारा लप्‍पा गर्ल के नाम से ही जानी गयीं ।



मुझे नहीं पता कि पंजाब के लोकसंगीत में इस गीत को कैसे गाया जाता है । पर संगीतकार विनोद ने इस गाने की कमाल की धुन बनाई थी । जहां तक मुझे याद है विनोद का असली नाम एरिक रॉबर्ट्स था । इस गाने को अज़ीज़ काशमीरी ने लिखा है । आमतौर पर ये गीत मिलता नहीं है । पर आजकल इंटरनेट की कृपा है कि ऐसे तमाम मुश्किल गाने आसानी से उपलब्‍ध हो रहे हैं । मैंने सोचा कि क्‍यों ना ये गीत आप तक पहुंचाकर आपका आज का दिन हसीन बना दूं । अगर इस गाने ने आपको कोई गुज़रा हुआ ज़माना याद दिला दिया हो तो ज़रूर बताईयेगा ।

8 comments:

Raviratlami June 3, 2007 at 12:11 PM  

सचमुच आज का दिन हसीन बन गया.

लारा लप्पा लारा लप्पा लारा लप्पा...

Anonymous,  June 3, 2007 at 11:53 PM  

ख़ुदा आपको लंबी उमर दे, कमाल का काम कर रहे हैं. बहुत शुक्रिया, लगे रहिए, ग्लोबलाइज़ेशन के दौर में छह महीने से ज़्यादा ज़िंदगी नहीं है संगीत की, यह संगीत अमर है.

yunus June 4, 2007 at 8:29 AM  

Anonymous जी शुक्रिया. आप अपना नाम भी लिख छोड़ते तो अच्‍छा होता.

mamta June 4, 2007 at 11:57 AM  

मजा आ गया।वाकई मे आप गाने चुन चुन कर लाते है। पर क्या आपको मालूम है इस लारा-लप्पा गर्ल की बाद की जिंदगी बहुत ही दर्दनाक थी।

Anonymous,  June 4, 2007 at 12:04 PM  

Aapse bahut badi shikaayat hai mujhe.

Aap purane geeton aur filmon ki baat karte hai lekin 31 may 2007 ko samaachaar mila ki puraani filmon ki mashhoor nayika Vanmaalaa ke Nidhan ka aur aapne charcha tak nahi ki.

Hindi filmon main Nayikaon ka jo Ist batch aayaa onme thi Vanmala, snehlatha aur Ratnamala (nayika shobhana Samartha ki mother).

varsh 2002, 03, main Vividh Bharti ke bhoole bisare geeton main Sikander aur Kavi Kaalidaas jaisi filmon ke geet bajaa karte the. os samay Vanmala ke bahut saare geet bajte the. Kavi Kalidas film main do nayika aur ek nayak ka ek geet hai jo shaayad Vanmala, Snehlatha aur Pahaadi Ssnyaal ka hai.

Aap please kuch geet chun kar likhiye.

Annapurna

Sagar Chand Nahar June 5, 2007 at 9:18 PM  

कमाल की गाना है यह जितनी बार सुनो कुछ नयापन लगता है। आप विश्वास करेंगे यह टिप्प्णी लिखने तक चार बार सुन चुका हूँ और पाँचवी बार चल रहा है।
इस गाने की इन पंक्तियों
फिक्र क्‍यों करते हो साहिब ये भी कर दिखलायेंगे
वक्‍त आयेगा तो इस कुर्सी पे हम डट जायेंगे।

में लता जी की आवाज का जादु और भी निकर आया है।
@ इरफान भाई के चिट्ठे का लिंक देना भूल गये आप, बस " यहाँ क्लिक कीजिये " लिखा है।

Sagar Chand Nahar June 5, 2007 at 9:20 PM  

@ ममता जी
लारा लप्पा गर्ल ही नहीं कई कलाकारों का अन्त बहुत दर्दनाक हुआ या फिर बहुत ही बुरी दशा में वे जी रहे हैं।
हमराज फिल्म की नायिका विम्मी (??) का अन्त भी बहुत बुरा हुआ था।

अतुल श्रीवास्तव June 5, 2007 at 9:56 PM  

मेरे संग्रह के कुछ हिस्सों का आनंद यहाँ लें:

http://www24.brinkster.com/shria

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http://www.google.com/transliterate/indic/

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