संगीत का कोई मज़हब, कोई ज़बान नहीं होती। 'रेडियोवाणी' ब्लॉग है लोकप्रियता से इतर कुछ अनमोल, बेमिसाल रचनाओं पर बातें करने का। बीते नौ बरस से जारी है 'रेडियोवाणी' का सफर।

Sunday, March 16, 2008

'बीटल्स' का 'When I'm sixty four...You'll be older too' और 'हमारा'....'जब हम होंगे साठ साल के और तुम होगी पचपन की'

वेस्‍टर्न म्‍यूजि़क में मैंने बहुत गहरी डुबकी नहीं लगाई है । लेकिन मशहूर रचनाओं और कलाकारों से वाबस्‍ता होने का सिलसिला चलता रहा है । पिछले दिनों बीटल्‍स की इस रचना को सुना तो बरबस ही अपने संस्‍कारों में घुला भारतीय सिनेमा का झटकेदार गीत याद आ गया । बीटल्‍स के बहुत शानदार गीतों में इस गाने का शुमार होता है । सबसे दिलचस्‍प बात ये है कि जवानी के ही दिनों में प्रेमी प्रेमिका से पूछ रहा है कि जब वो चौंसठ साल का हो जाएगा और जब उसके बाल झड़ जाएंगे, तब भी क्‍या वो उसके लिए वेलेन्‍टाइन ग्रीटिंग्‍स भेजेगी, क्‍या तब भी उसके देर से घर लौटने पर वो गुस्‍सा नहीं होगी । 

इस गाने के बोल ख़ास तौर पर दे रहा हूं ताकि आप इन्‍हें ज़रूर पढ़ें । पता नहीं क्‍यों मुझे इस गाने में भारतीय संस्‍कार नज़र आते हैं । हमारे देश में दांपत्‍य एक यात्रा की तरह होता है । और उम्र बढ़ने के साथ साथ प्रेम भी बढ़ता चला जाता है । मैंने अपने ख़ानदान में बुजुर्ग जोड़ों के विकल प्रेम को देखा है । आपने भी देखा होगा । जब शादी के पच्‍चीस तीस साल बीत जाते हैं तो शायद एक दूसरे की आदत पड़ जाती है । आदत की बजाय लत कहना चाहिए । लेकिन इसमें 'केयर' का एक अहसास होता है । एक जोड़ा...जिसने जिंदगी के बीहड़ रास्‍ते को एक दूसरे का हाथ पकड़कर ही काटा हो...उम्र के दूसरे सिरे तक पहुंचते पहुंचते या तो बहुत कटखना बन चुका होता है या फिर बुढ़ापे में प्‍यार फिर से जवान हो जाता है । इस गाने में मुझे जवानी में बुढ़ापे तक इसी तरह रोमांटिक बने रहने की तस्‍दीक करता हुआ जोड़ा नज़र आता है । रविवार को विशेष बनाने के लिए आईये सुना जाए बीटल्‍स का ये बेमिसाल गीत--पढ़ते हुए सुनिए ।

Beatles - Beatles - When I'm 64
   
Found at bee mp3 search engine
 
 

When I get older, losing my hair
Many years from now
Will you still be sending me
a Valentine Birthday greetings, bottle of wine
If I'd been out till quarter to three
Would you lock the door
Will you still need me
Will you still feed me
When I'm sixty four
You'll be older too
And if you say the word
I could stay with you
I could be handy, mending a fuse
When your lights have gone
You can knit a sweater
by the fireside
Sunday morning go for a ride
Doing the garden,
digging the weeds
Who could ask for more
Will you still need me
Will you still feed me
When I'm sixty four
Every summer we can rent a cottage
In the isle of Wight, if it's not too dear
We shall scrimp and save
Grandchildren on your knee
Vera Chuck and Dave
Send me a postcard drop me a line
Stating point of view
Indicate precisely
what you mean to say
Yours sincerely wasting away
Give me an answer, fill in a form
Mine for evermore
Will you still need me
Will you still feed me
When I'm sixty four

आईये अब 'कल आज और कल' फिल्‍म का ये गीत सुनिए । जिसे शैली शैलेंद्र ने लिखा और गाया आशा भोसले और किशोर कुमार ने । संगीत है शंकर जयकिशन का । ये गाना रणधीर कपूर औ बबीता पर फिल्‍माया गया था । और देखिए कि किस तरह बीटल्‍स के गीत से प्रेरित होकर इसे लिखा गया है । दिलचस्‍प है ये प्रेरणा । क्‍या कहेंगे आप ।

Asha Bhosle on 6Lyrics.com

7 comments:

sanjay patel March 16, 2008 at 3:18 PM  

यूनुस भाई...कहीं सुनने में आया था कि पिछले बरस गीतकार शैली शैलेन्द्र का इन्तेक़ाल हो गया था...क्या आपके पास कोई सुस्पष्ट या अधिकृत ख़बर है इस बारे में....अल्लाह करे मेरी जानकारी ग़लत हो.

खु़शबू,  March 16, 2008 at 8:47 PM  

यूनुस, कैसा संयोग है कि पिछले दिनों एक Beatles and Baroque नामक CD सुननें का अवसर मिला था जिसमें instrumental classical Beatles का संगीत था और आज आपनें यह सदाबहार track सुनवाया साथ ही कल आज और कल के गीत का connection भी समझाया । मज़ा आ गया।
और हाँ, आपका दाम्पत्य यात्रा वाला comment सुंदर है।

परमजीत बाली March 16, 2008 at 11:07 PM  

बहुत बढिया गीत सुनवाए।आभार।

अजय यादव March 17, 2008 at 3:27 PM  

बहुत सुंदर गीत लगा, युनुस भाई! और दूसरा गीत तो खैर सुआ हुआ था ही!

- अजय यादव
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Ojha March 17, 2008 at 5:29 PM  

तुलना और गीत दोनों सुंदर !

Gyandutt Pandey March 17, 2008 at 9:01 PM  

हिन्दी गीत बहुत जमा। साठ से ज्यादा दूर भी नहीं हैं!

Anonymous,  May 1, 2008 at 10:18 AM  

aaj hi dainik bhaskar me ek article ke dwara is bog ki jankaari mili.Blog visit kar ke jo anand hua woh adbhut hai.is geet ka bhartiya sandarbh bahut achcha laga

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