संगीत का कोई मज़हब, कोई ज़बान नहीं होती। 'रेडियोवाणी' ब्लॉग है लोकप्रियता से इतर कुछ अनमोल, बेमिसाल रचनाओं पर बातें करने का। बीते नौ बरस से जारी है 'रेडियोवाणी' का सफर।

Friday, June 22, 2007

भूली हुई यादों मुझे इतना ना सताओ—नहीं रहीं अभिनेत्री अनीता गुहा । हमारी श्रद्धांजली



कल विख्‍यात अभिनेत्री अनीता गुहा का निधन हो गया । मैंने सोचा था कि कल सुबह ही उनके बारे में अपने चिट्ठे पर लिखूंगा, लेकिन समय नहीं मिल सका, इस बीच पहले से ही तैयार किया अपना ऑडियो फ़ीचर चढ़ा दिया, जो विश्‍व संगीत दिवस पर था, इस पोस्‍ट पर टिप्‍पणी के रूप में हैदराबाद की सुधी पाठक अन्‍नपूर्णा ने शिद्दत से अनीता गुहा को याद किया है ।

पचास और साठ के दशक में मीना कुमारी और गीताबाली के साथ अनीता गुहा की गिनती शानदार अभिनेत्रियों में होती थी । इसमें दिलचस्‍प पेंच ये है कि बाक़ी दोनों अभिनेत्रियों रोमांटिक किरदारों के लिए जानी गयीं और अनीता गुहा पौराणिक फिल्‍मों में निभाए देवी के किरदारों के लिए ।

अनीता गुहा की सर्वाधिक चर्चित फ़िल्‍म थी ‘जय संतोषी मां’ । जो ‘शोले’ के साथ रिलीज़ हुई और शोले को बॉक्‍स ऑफिस पर कड़ी टक्‍कर देते हुए हिंदी सिनेमा के इतिहास में शामिल हो गयी । यक़ीन मानिए ‘जय संतोषी मां’ बॉक्‍स ऑफिस पर अपनी कामयाबी के लिए जानी जाती है । इस फिल्‍म का उषा मंगेशकर का गाया गीत ‘मैं तो आरती उतारूं रे’ सुनने के लिए यहां क्लिक कीजिए ।

जहां तक मेरी जानकारी है फिल्‍मों में उनका प्रवेश बंगाली फिल्‍म ‘बसेर केला’ से हुआ था ( अगर ये तथ्‍य ग़लत हो तो कृपया बताएं, सुधार लिया जायेगा ) और हिंदी फिल्‍म संसार में वो ‘दुनिया गोल है’ नामक फिल्‍म के ज़रिए आईं । जिसमें उनके नायक थे करण दीवान ।

लेकिन असली ख्‍याति उन्‍हें मिली विजय भट्ट की फिल्‍म ‘संपूर्ण रामायण’ से ।
इसके बाद उन्‍होंने कई धार्मिक फ़िल्‍मों में काम किया । जैसे
अंगुलीमाल ( इस फिल्‍म का गीत सुनने के लिए यहां क्लिक करें )

पवन पुत्र हनुमान, शंकर सीता अनुसूया, कण-कण में भगवान वग़ैरह ।

लेकिन ऐसा नहीं है कि अनीता गुहा ने केवल धार्मिक फिल्‍में ही की हों, उन्‍हें कुछ और फिल्‍में करने का मौक़ा भी मिला ।

मुझे फिल्‍म ‘संगीत सम्राट तानसेन’ याद आ रही है । और इंटरनेट पर खोजबीन करने पर इस फिल्‍म का ये वीडियो भी मिल गया है । देखिये और शिद्दत से याद कीजिये अनीता गुहा को ।




फ़ि‍ल्म छूमंतर में उन्‍होंने जॉनी वॉकर के साथ बतौर नायिका काम किया था । फिल्‍मों के क़द्रदान उनकी ये भूमिका अभी भी याद करते हैं । 1956 में आई इस फिल्‍म के संगीतकार थे ओ0पी0 नैयर । इस फिल्‍म का गीत ‘जब बादल लहराया’ सुनने के लिए यहां क्लिक कीजिए ।

इसी तरह मदनमोहन का स्‍वरबद्ध किया वो यादगार नग्‍मा ‘वो भूली दास्‍तान लो फिर याद आ गयी’ अनीता गुहा पर ही फिल्‍माया गया था ।

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ये गाना है भूली हुई यादों, फिल्‍म संजोग ।


इस गाने को आप यहां देख भी सकते हैं ।







जब अनीता गुहा के नग्‍मों को याद करें तो याद आती है फिल्‍म ‘दूज का चांद’ और याद आता है इस फिल्‍म का गीत—‘सजन सलोना’ ।

अरे हां याद आया फिल्‍म चाचा जिंदाबाद में तो वो किशोर कुमार की नायिका थीं ।
मदनमोहन का स्‍वरबद्ध किया इस फिल्‍म का लता जी का गाया एक कालजयी गीत है ‘बैरन नींद ना आए’ । इसे आप यहां क्लिक करके सुन सकते हैं ।

हैरत की बात ये है कि अनीता गुहा के गानों का जिक्र करते हुए ज्‍यादातर गीत मदनमोहन के ही मिल रहे हैं । फिल्‍म देख कबीरा रोया में उन्‍होंने तीन में से एक नायिका की भूमिका की थी । और इस‍ फिल्‍म के लिये लता मंगेशकर ने अपने कैरियर का एक अत्‍यंत महत्‍त्‍वपूर्ण गीत गाया था—‘मेरी वीणा तुम बिन रोए’ । मुझे ये तो याद नहीं कि ये गीत अनीता गुहा पर फिल्‍माया गया था या नहीं । पर इसे आप यहां क्लिक करके सुन सकते हैं ।

फिल्‍म पूर्णिमा का गीत ‘हमसफर मेरे हमसफर’ इसे कल्‍याण जी आनंद जी ने स्‍वरबद्ध किया है । यहां क्लिक करके सुनिए ।

फिल्‍म ‘प्‍यार की राहें’ का गीत-‘दो रोज़ में वो प्‍यार का आलम’ । इसे सुनने के लिए यहां क्लिक कीजिए । संगीत कनु घोष का ।

अगर आपको अनीता गुहा की फिल्‍मों से जुड़ी कोई बात याद हो तो ज़रूर बताईयेगा ।
अनीता गुहा को हमारी विनम्र श्रद्धांजली ।

7 comments:

विशेष June 22, 2007 at 10:16 AM  

आपको अक्‍सर पढ़ता रहता हूं. अपनी धारा में आपका स्‍वर बुलंद हैं. जारी रखिए...

Nasiruddin June 22, 2007 at 10:25 AM  

वाक़ई मज़ा आ गया। गाने भी सुनें आैर जानकारी साथ में, यह संयोग कहां मिलता है।

Anonymous,  June 22, 2007 at 11:38 AM  

Aapne bhi vahi galati ki jo doosare Websites ne ki.

vo bhuli daastaan geet film sanjog ka hai par Anita guha par filmaya nahi gaya, Mala Sinha par filmaya gaya.

Sanjog film ka nirman Hindi main teen baar hua. pahali baar Anita guha Nayika thi.

Doosari baar nayika Mala sinha thi jinke saath Amitabh Bacchhan onke premi ke roop main the. Jab AB se Mala Sinha doobaara milthi hai tab Office main Mala Sinha par yeh geet picturise kiya gaya. AB ki patni ke role main Aroona Irani Thi.

Teesari baar is filam ka naam kuch aur rakha gaya jo mujhe yaad nahi aa raha.

Yahi film Telugu aur Tamil main Callector Janki naam se bani. Tamil main Patni (Aroona Irani) ka role Jayanthi ne bahut shaandaar kiya.

Yeh saari filme bahut lokpriya rahi.


Annapurna

yunus June 22, 2007 at 1:27 PM  

अन्‍नपूर्णा जी शुक्रिया । मैं जल्‍दी ही इसे अपने चिट्ठे में सुधार दूंगा ।

Udan Tashtari June 22, 2007 at 6:00 PM  

इस महान शक्शियत को हमारी श्रृद्धांजली. आपने जानकारी बहुत ही अच्छी तरह विस्तारपूर्वक दी है. आभार.

mahashakti June 22, 2007 at 10:30 PM  

महान हिन्‍दी फिल्‍म जय संतोषी मॉं की अदाकारा शत शत नमन,

आपका लिखा पढ़ कर काफी अच्‍छा लगा, बधाई।

PIYUSH MEHTA-SURAT June 23, 2007 at 11:05 PM  

vo bhuli dasta^ gaana anita guha par hi filmaya gaya hai.

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