संगीत का कोई मज़हब, कोई ज़बान नहीं होती। 'रेडियोवाणी' ब्लॉग है लोकप्रियता से इतर कुछ अनमोल, बेमिसाल रचनाओं पर बातें करने का। बीते नौ बरस से जारी है 'रेडियोवाणी' का सफर।
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Saturday, January 15, 2011

मकर संक्रांति पर 'पतंगबाज़ी' के तीन कालजयी गाने

कल दफ्तर में कहीं से एक पतंग कटकर चली आई और साथ में आई बहुत लंबी डोरी। ऐसा लगा जैसे किसी ने थाली में परोसकर दी है पतंग। उसके बाद सभी के पतंग उड़ाने का सिलसिला शुरू हुआ। आसमान में शान से उड़ती पतंग एक नशा है। मुझे नहीं लगता कि किसी वीडियो-गेम से वो सनसनी मिल सकती है...जो एक पतंग की उड़ान से मिलती है। इस बात की तसल्‍ली है कि सभी पुरानी चीज़ों की तरह पतंग उड़ाना भी अतीत का हिस्‍सा नहीं बन रहा है। बल्कि पतंग उड़ाने का चलन बाक़ायदा बढ़ रहा है। अभी-अभी अहमदाबाद से लौटा हूं। वहां की सड़कों पर पतंगों और मांझे की बड़ी सजीली दुकानें देखने मिलीं। और लोगों में दिखा कमाल का उत्‍साह। 10 से 14 जनवरी तक वहां इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का आयोजन था। देश-विदेश के पतंगबाज़ जमा थे।

हिंदी सिनेमा में पतंग के कई गीत आए हैं। हमने सोचा कि 'मकर-संक्रांति' के इस दिन कुछ पुराने पतंग-गीत एक साथ आपको उपलब्‍ध करवाए जाएं।

सन 1960 में आई थी फिल्‍म 'पतंग'। निर्देशक थे सूरज प्रकाश। माला सिन्‍हा, राजेंद्र कुमार और ओमप्रकाश जैसे कलाकार थे। इस फिल्‍म के संवाद और गीत राजेंद्र कृष्‍ण दुग्‍गल ने लिखे थे। और संगीत था चित्रगुप्‍त का। अपने शानदार गानों के लिए याद की जाती है ये फिल्‍म। लता जी का गाना 'रंग दिल की धड़कन लाती तो होगी...याद मेरी उनको भी आती तो होगी' इसी फिल्‍म का है। इस फिल्‍म का दूसरा मशहूर गाना है मुकेश और लता का--'दिल्‍ली है दिल हिंदुस्‍तान का, ये तो तीरथ है सारे जहान का'। लेकिन जिस गाने को हर साल मकर-संक्रांति पर याद किया जाता है...सुना जाता है वो है--'ये दुनिया पतंग नित बदले ये रंग...कोई जाने ना उड़ाने वाला कौन है'। दिलचस्‍प बात ये है कि इस गाने को ओमप्रकाश पर फिल्‍माया गया है। राजेंद्र कृष्‍ण ने यहां पतंग को बहुत ही अलग मायने दिये हैं और इस गाने को दार्शनिक रंग दे दिया है। इस गाने का ये अंतरा पढिए--

'उड़े अकड़-अकड़ धनवालों की पतंग
सदा देखा है ग़रीब से ही पेंच लड़े
है ग़रूर का हुज़ूर सदा नीचा हुज़ुर
जो भी जितना उठाए उसे उतनी पड़े
किस बात का गुमान, भला करे इंसान
जब जाने ना बनाने वाला कौन है'।।

आईये इस 'ब्‍लैक-एंड-व्हाइट' फिल्‍म के इस गाने को देखा जाए।
song: ye duniya patang
film: patang
singer:rafi


lyrics: rajinder krishna
music:chitragupt
year:1960



सन 1957 में AVM स्‍ट‍ूडियोज़ की फिल्‍म आई थी 'भाभी'। बलराज साहनी, नंदा और श्यामा जैसे कलाकार थे इसमें। एक बार फिर राजेंद्र कृष्‍ण के गीत और चित्रगुप्‍त का संगीत। इस फिल्‍म का सबसे लोकप्रिय गाना है--'चल उड़ जा रे पंछी अब ये देस हुआ बेगाना'। आपको याद होगा कि ये गाना रेडियोवाणी पर हम तलत मेहमूद की आवाज़ में भी पेश कर चुके हैं। हालांकि मेरी नज़र में इस फिल्‍म का सबसे सुंदर और रचनात्‍मक गाना है--'छुपाकर मेरी आंखों को'। रेडियोवाणी पर इसकी भी चर्चा हम पहले कर चुके हैं।

लेकिन मकर-संक्राति के मौक़े पर फिल्‍म 'भाभी' का जो गीत सबसे ज्‍यादा सुना जाता है वो है--'चली चली रे पतंग मेरी चली रे'। इस गाने को जगदीप और नंदा पर फिल्‍माया गया है। आईये ये गाना देखें।

song:chali chali re patang
singer: rafi, lata
film: bhabhi
lyrics: rajinder krishna
music: chitragupt
year: 1957
 



अब जो गाना मैं आपको सुनवा रहा हूं..या कहूं कि दिखवा रहा हूं वो इन सबसे ज्‍यादा पुराना है। फिल्मिस्‍तान की फिल्‍म 'नागिन' सन 1954 में आई थी। निर्देशक थे नंदलाल जसवंतलाल। नागिन कई मायनों में एक 'कल्‍ट' फिल्‍म है। इसके बाद नाग-नागिन की कहानियों का जो सिलसिला शुरू हुआ वो आज तक लगातार जारी है। वैजयंतीमाला, प्रदीप कुमार और जीवन जैसे सितारे थे इस फिल्‍म में। संगीत हेमंत कुमार का था। और इस संगीत में हेमंत दा के मुख्‍य-सहायक थे रवि। जो बाद में मशहूर संगीतकार बने। इस फिल्‍म के सभी गाने हिट हैं। 'मन डोले', 'जिंदगी के देने वाले', 'जादूगर सैंया', 'मेरा दिल ये पुकारे आजा', 'तेरे द्वार खड़ा इक जोगी', 'ऊंची ऊंची दुनिया की दीवारें', 'सुन रसिया', 'मेरा बदली में छिप गया चांद', 'याद रखना प्‍यार की निशानी' और 'तेरी याद में जल कर देख लिया'। यानी सारे के सारे गाने एक से बढ़कर एक।

इस फिल्‍‍म का पतंग-गीत ये रहा।
song: arri chod de patang meri
film:nagin
singer: hemant kumar, lata
lyrics: rajinder krishna
music: hemant kumar


पतंगबाज़ी का एक गीत फिल्‍म 'हम दिल दे चुके सनम' में भी आया था। पर ना तो वो गीत हमें पसंद है और ना ही उसका जिक्र हम करना चाहते हैं।

आप सभी को मकर-संक्रांति की शुभकामनाएं।
रेडियोवाणी पर संगीत का सिलसिला जारी रहेगा।

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