संगीत का कोई मज़हब, कोई ज़बान नहीं होती। 'रेडियोवाणी' ब्लॉग है लोकप्रियता से इतर कुछ अनमोल, बेमिसाल रचनाओं पर बातें करने का। बीते नौ बरस से जारी है 'रेडियोवाणी' का सफर।
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Wednesday, August 4, 2010

देखिए लता मंगेशकर ले रही हैं किशोर कुमार का इंटरव्‍यू।

आज 4 अगस्‍त है। किशोर कुमार का जन्‍मदिन।

किशोर दा के अनमोल गाने सुनवाने की इच्‍छा थी पर व्‍यस्‍तताएं इजाज़त नहीं दे रही हैं। वैसे भी गाने तो आप हर कहीं सुन सकते हैं। रेडियोवाणी की इस माइक्रो-पोस्‍ट में यू-ट्यूब से उड़ाया गया ये वीडियो देखिए जिसमें लता मंगेशकर किशोर कुमार का इंटरव्‍यू ले रही हैं।



किशोर दा को रेडियोवाणी का नमन।




और हां। आज दिन भर विविध-भारती पर हैं किशोर दा के गाने। रात दस बजे मेरे साथ सुनिए छायागीत में किशोर कुमार के कुछ अनसुने-अनजान हुड़दंगे पुराने गाने।

 




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Tuesday, August 4, 2009

'ओ हंसिनी' 'गोरी ओ गोरी' और 'फटाफट'--बमचिक किशोर दा की जै हो


किशोर कुमार के अनगिनत किस्‍से सुने हैं उनके परिवार वालों और मित्रों से । कई बरस पहले 'यूनियन पार्क' चेम्‍बूर में दाद‍ामुनि अशोक कुमार से मिलने का मौक़ा मिला था । लगभग एक पूरा दिन उनके साथ बिताया । जो किस्‍से दादामुनि ने सुनाए उनमें किशोर दा के भी किस्‍से थे । उन्‍होंने बताया था कि बचपन में किशोर कुमार बड़े कर्कश आवाज़ वाले थे । एक दिन उनकी मां 'गौरी' हंसिये से सब्‍ज़ी काट रही थीं कि तभी किशोर बाहर से शरारत करते हुए आए और उनका पैर हंसिए पर पड़ गया । तीन दिन तक किशोर रोते रहे । उसके बाद उनकी आवाज़ खुल भी गई और सुरीली भी बन गयी । 

एक्टिंग वो करना नहीं चाहते थे ।  ज़बर्दस्‍ती एक्‍टर बनाए गए तो सबको तंग किया ।

इसी तरह जाने-माने निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने बताया था कि अपनी पहली ही निर्देशित फिल्‍म ‘मुसाफिर’ के दौरान किशोर कुमार ने उन्‍हें बहुत तंग किया था । ऋषि दा पहली बार निर्देशन कर रहे थे, नये निर्देशक में एक तरह की घबराहट होती ही है । लेकिन किशोर थे कि कभी स्क्रिप्‍ट का पालन नहीं करते थे । हमेशा इम्‍प्रोवाइज़ कर लेते थे । अगर ज़ोर देकर कहा जाता कि ऐसा ही करो । तो इतनी बुरी एक्टिंग करते थे कि आप सिर पकड़कर बैठ जाएं या फिर हाथ जोड़कर कहें कि महाराज जैसा मन में आए करो ।

‘मुसाफिर’ की शूटिंग का आखिरी दिन था । किशोर का सेट पर इंतज़ार किया जा रहा था । पर किशोर थे कि आए ही नहीं । हार कर ऋषिकेश मुखर्जी ने उनके घर पर फ़ोन किया । किशोर कुमार की पत्‍नी ने फ़ोन उठाया और कहा कि आप खुद आकर देख लीजिये यहां क्‍या हाल हुआ है । ऋषि दा भागे भागे पहुंचे कि माजरा क्‍या है । पहुंचे तो किशोर दरवाज़ा बंद करके भीतर से चिल्‍ला रहे थे, मत आईये, मत आईये । ख़ैर किसी तरह किशोर को सामने बुलवाया गया—तो पता चला कि उन्‍होंने अपना सिर मुंडवा लिया था । उन दिनों वो मिस मेरी फिल्‍म की शूटिंग कर रहे थे । निर्माता-निर्देशक से झगड़ा हुआ तो विरोध स्‍वरूप सिर मुंडवा लिया और कहा लो अब कर लो शूटिंग । इन लड़ाई में फंस गए ऋषि दा ने विग तैयार करवाया और अपनी फिल्‍म पूरी की ।

ऐसे किशोर दा भीतर से बेहद संजीदा थे । अपने आखिरी दिनों में वो खंडवा लौटना चाहते
थे । पर समय ने उन्‍हें इसकी इजाज़त नहीं थीं । आईये किशोर दा के दो अलबेले गाने सुनें और एक अलबेला गाना देखें ।

इस पहले गीत का इंट्रो म्‍यूजिक तकरीबन पौने दो मिनिट का है । जिसमें सेक्‍सोफोन की तरंगें भी शामिल हैं ।
song: o hansini
film:zehreela insaan
lyrics:majrooh sultanpuri
music: R D burman
duration: 05:06 




ओ हंसिनी मेरी हंसिनी
कहां उड़ चली, मेरे अरमानों के पंख लगाके
आजा मेरी सांसों में महक रहा रे तेरा गजरा
आजा मेरी रातों में लहक रहा रे तेरा कजरा
ओ हंसिनी ।।
देर से लहरों में कमल संभाले हुए मन का
जीवन ताल में भटक रहा रे तेरा हंसा




ओ हंसिनी ।।

इस दूसरे गाने में किशोर दा ने पुरूष और महिला दोनों स्‍वरों में गाया है । ऐसे दूसरे गाने तो आपको पता ही हैं ना । 'हाफ टिकिट' का 'आके सीधी लगी' और 'लड़का-लड़की' का 'सुणिए सुणिए' ।
song: gori o gori
film: pyar ki kahani
lyrics:anand bakshi
music: R D Burman
duradion: 3:14



इसके बाद ये गाना देखिए । फिल्‍म है 'मैं सुंदर हूं' । इस गाने में आपको शंकर-जयकिशन की जोड़ी के शंकर, गीतकार आनंद बख्‍शी, क्‍लेरिनेट बजाते मनोहारी सिंह, रिकॉर्डिस्‍ट मीनू कात्रक, शंकर जयकिशन के सहायक (जिनके नामों से उनके चेहरे मिलाने की जुगत जारी है
) नज़र आएंगे । किशोर दा का जन्‍मदिन सबको मुबारक ।


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Sunday, January 20, 2008

किशोर कुमार की आवाज़ और बाम चीक चीक, चाम चीक चीक, एक दुर्लभ गीत ।

कुछ दिन पहले 'एक शाम मेरे नाम' वाले मनीष से चैट हो रही थी, तब उन्‍होंने एक गाने की फ़रमाईश की । उनका कहना था कि ये गीत बहुत पहले विविध भारती से सुनाई देता था पर अब कहीं नहीं मिलता । उन्‍हें गाने के बोल भी याद नहीं थे । बस इतना  याद था कि इस गाने में पिंजरे के अंदर, निकलेगा बंदर जैसा कुछ कहा गया है । गीत फौरन पहचान में आ गया क्‍योंकि मुझे ये गीत हमेशा से पसंद रहा है । पसंद से भी आगे मैं इसे हैरत की नज़र से देखता हूं । क्‍यों, आईये इसी पर चर्चा की जाए ।

ये गीत जिस फिल्‍म का है उसका नाम है 'कहते हैं मुझको राजा' । ये फिल्‍म सन 1975 में आई थी । निर्माता निर्देशक थे मशहूर अभिनेता विश्‍वजीत । ये फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर धराशाई हो गयी थी । लेकिन इस फिल्‍म से हमें किशोर दा का एक अदभुत गीत मिला है । वैसे तो गीतकार के तौर पर मजरूह सुल्‍तानपुरी का नाम है इस गाने में । लेकिन मुझे लगता है कि किशोर दा ने इसे काफी इंप्रोवाईज़ किया है । दरअसल ये गीत जैसा है ही नहीं । भगवान जाने क्‍या-क्‍या लिखा गया है इस गाने में । मुझे इसके बोल उतारने में काफी मशक्‍कत करनी पड़ी । आप भी सुनिए और सोचिए कि ऊपर से या दूर से बहुत ही व्‍यर्थ और बेकार लगने वाले किशोर दा के गाने भीतर से कितने पेचीदा और अदभुत हैं । मेरे ही कुछ परिचित संगीतप्रेमी किशोर दा को सिरे से खारिज कर देते हैं  और इस मामले में मेरी उनसे अनंत बहस चली आ रही है । 

मुझे हैरत होती है कि इतनी सारी संगीत प्रतियोगिताओं में कभी टी वी पर किसी ने इस गीत को ट्राइ करने की हिमाकत नहीं की । हम इसकी वजह क्‍या मानें, क्‍या इस गीत को ज्‍यादा लोगों ने सुना नहीं है । या फिर इसे गाना उनके बस की बात नहीं है । तो चलिए इस अदभुत गाने को सुना जाए ।

 

यक दुई त्रण चार गिली गिली गिली ।

बम बम कुकुक ।

दिल हाथ बाबू जान हाथ बाबू ।

राम राम सियाराम सलामवालेकुम ।

प्‍यार करो छुकछुक । दूध पियो टुकटुक ।

ठन ठन फुक फुक । कुट कुट कुट कुट ।

हाउ डू यू डू ।

बाम चीक चीक चाम चीक चीक ।

बम चिक बुब चिक चिक ।

बढ़के बोल बेटा बम बम ।

बढ़के बोल बेटा खिड़की खोल बेटा ।

बम बम चिक बम बम चिक चिक ।

हे बम बम कुकुक । बम बम कुकुक ।

बाबा लोग सुनो, काका लोग सुनो

दादा लोग सुनो, जल्‍दी जल्‍दी ।

ऐ की हाल है बादशाओ ।

देख भाई इधर आ, खाली है पिंजरा ।

पिंजरे के अंदर निकलेगा बंदर ।

यही परिचय है राजा-जानी का ।

कोल-मताल जवानी दीवानी का ।

चल बेटा चल बेटा बम्‍म बम्‍म बम ।

बाम चीक चीक चाम चीक चीक ।

बम चिक बम चिक बढ़ के बोल बेटा

खिड़की खोल बेटा ।

देख भाई शंभू तन गया तंबू ।

तंबू में छम छम ढोल बाजे ढम ढम

छोटी सी कबूतरी नाच रही छम छम

छम छ छ छम छम । छम छ छ छम छम ।

घुंघरू पायल बाजे घुंघटा उतार चले ।

मुग़ले आज़म के आगे नाच रही अनारकली ।

चल बेटा चल बेटा बम्‍म बम्‍म बम ।

बाम चीक चीक ।।

ठप ठप ले ले मुछट कटकट ।

फट फट ले ले धोबी खट खटा खट ।

देबू चटका, धोबी-फटका, दिल खटका सदा सीताराम ।

भाग रे जमूरे जरा हटके, सबको दिखा दे ।

चल रे दिखा दे जरा बचके ।

यही जो दिखेगा दिल्‍ली बंबई कलकत्‍ता ।

हरे रामा कृष्‍णा प्‍यार की कहानी ।

चाहे देखो कोच्‍योर चाहे काला पानी ।

कल आज और कल, बीस साल पहले ।

एक से एक हैं नहले पे दहले ।

चल बेटा चल बेटा बाम चीक ।।

कांदे की भाजी हाय मुल्‍ला काजी ।

रसम की चटनी । हाय कजली का बटला ।

मुंशी मुनक्‍का । हुक्‍का बक्‍का ।

हुज़ूरे अज़मत, दिमाग़े फुरकत ।

कमाले हलकट ।

चल बेटा चल बेटा बाम चीक ।

फुटबॉल वॉलीबॉल डस्‍टबिन बेसबॉल ।

पिंगपांग किंगकांग बॉलबारा हॉलहॉल ।

सबको मेरा झुकझुक के सलाम और राम राम ।

कहिए कैसा लगा किशोर दा का गाया ये दुर्लभ गाना । मज़ा आया ना  ।

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Sunday, November 11, 2007

आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया--जब किशोर कुमार ने महिला और पुरूष दोनों स्‍वरों में गाया



रेडियोवाणी पर आज हम आपको एक बहुत ही अनोखा गीत सुनवायेंगे ।
इस गीत की ख़ासियत ये है‍ कि इसे किशोर कुमार ने दो आवाज़ों में गाया है । महिला और पुरूष स्‍वर दोनों में । किशोर कुमार improvisation के माहिर कलाकार थे । गाना जैसा रचा गया हो, शायद ही किशोर दा ने वैसा का वैसा गा दिया हो, उन्‍होंने हमेशा हमेशा चीज़ों के साथ खेल किया, प्रयोग किये । और इसी प्रयोग का नतीजा है ये
गीत ।

ये गाना 1962 में आई फिल्‍म half ticket का है । इसे कालिदास ने निर्देशित किया था । किशोर कुमार, मधुबाला, हेलेन और प्राण इस फिल्‍म के कलाकार थे । मज़ाहिया यानी हास्‍य फिल्‍मों में इस फिल्‍म को सरताज माना जाता है । गीत शैलेन्‍द्र ने लिखे थे और संगीत सलिल चौधरी का था ।



ई स्निप्‍स से प्राप्‍त इस गाने में पहले आपको खुद सलिल दा की आवाज़ सुनाई देगी । जो बता रहे हैं कि इस गाने को पहले लता जी को गाना था । लेकिन वो उपलब्‍ध नहीं हो पाईं तो किशोर ने कहा कि मैं ही दोनों आवाज़ों में गा देता हूं, सलिल दा हतप्रभ रह गए और थोड़े हिचकते हुए राज़ी भी हो गए । पर जब फाइनल गीत बना तो वो कमाल का था । शायद इन कलाकारों को अहसास भी नहीं हुआ होगा कि वो अपने समझौते और प्रयोग के ज़रिए एक इतिहास रचने वाले हैं । किशोर कुमार ने ऐसे और भी गीत गाए हैं जिनमें वो लड़के और लड़की की आवाज़ों में गाते हैं । जैसे फिल्‍म लड़का लड़की का गीत 'सुणिए सुणिए आजकल की लड़कियों का प्रोग्राम' । बहरहाल आईये इसी गीत पर वापस लौटते हैं । ये एक मज़ाहिया गीत है । और मज़ाहिया गीत की अदायगी तलवार पर चलने जैसा जोखिम होती है । किशोर दा तलवार की धार पर चले भी और पार भी निकले हैं । इस गाने के बोल भी पेश कर रहा हूं ताकि आपको सुनने समझने और इस गाने की चुनौती को समझने में आसानी रहे ।

इस गाने को सुनते हुए ध्‍यान दीजियेगा कि कितनी जल्‍दी जल्‍दी किशोर ने स्‍वर बदला है । पहले महिला फिर पुरूष । ये भी याद रहे कि वो ट्रैक रिकॉर्डिंग वाला दौर नहीं था । यानी गाना वन टेक ओके होता था । सीधे शब्‍दों में कहें तो शुरू से आखिर तक एक ही कट में रिकॉर्ड किया जाता था । इससे आपको इस गाने की चुनौती का अहसास जरूर हो जायेगा । सलिल दा ने इस गाने के इंटरल्‍यूड में में‍डोलिन पर बड़ी प्‍यारी धुन बजवाई है । कमाल धुन है । सलिल दा अपने काम के हर हिस्‍से को पूरी गंभीरता से पूरा करते थे । वे वाक़ई एक संपूर्ण कलाकार थे ।

एक अफ़सोस ये रह गया कि शुद्ध संगीत के चाहने वाले इस गाने को गंभीरता से नहीं लेते । उन्‍हें ये एक खेल या एक खिलवाड़ लगता है । लेकिन मुझे लगता है कि किशोर कुमार की कलाकारी का बेहतरीन नमूना है ये गीत ।

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महिला-आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ओ संवरिया
ओ तेरी तिरछी नज़रिया
पुरूष- ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्‍मी नज़रिया ओ गुजरिया
ओ जाने सारी नगरिया
महिला- आके सीधी लगी ।।

महिला- मेरी गली आते हो क्‍यूं बार बार
छेड़ छेड़ जाते हो क्‍यूं दिल के तार
ओ सैंया ओ सैंया पड़ूं तेरे पैयां

पुरूष- क्‍या मैं करूं गोरी मुझे तुझसे है प्‍यार
जो ना तुझे देखूं ना आये क़रार
ओ गोरी ओ गोरी बड़के बुद्धन तीर वी टक्‍कर

महिला- हटो जाओ ना बनाओ
हटो जाओ हाय हाय ना बनाओ हाय हाय
नटखट रंगीले सांवरिया
आके सीधी लगी दिल पे जैसे कटरिया ।।

पुरूष- ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्‍मी नजरिया ओ गुजरिया

महिला- पीछे पीछे आते हो क्‍यूं दिल के चोर
मान जाओ वरना मचा दूंगी शोर
बचाओ ओ मुई मुर्गे ओ कौवे

पुरूष- पहले तो बांधी निगाहों की डोर
अब हमसे कहती हो चल पीछा छोड़
ओ गोरी ओ नटखट ओ खटपट ओ पनघट ओ झटपट

महिला- तोरे नैना ओ मीठे बैना
मुझको बना दिया बावरिया
आके सीधी ।।

पुरूष- ले गयी मेरा दिल तेरी जुल्‍मी नजरिया ओ गुजरिया
जाने सारी नगरिया ।।।।



इस गाने को आप यहां देख भी सकते हैं ।


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