धार धार बरसे- छाया गांगुली फिल्म थोड़ा-सा रूमानी हो जाएं
अनेक कारणों से 'थोड़ा सा रूमानी हो जाएं' हमारी पसंदीदा फिल्म रही है । इस समय हम पुरानी पोस्टों की लिस्ट में घुसकर पुराना संदर्भ निकालने के 'मूड' में नहीं हैं । पर मुमकिन है कि 'रेडियोवाणी' पर इसके कुछ गीत मौजूद हों । बल्कि हमें पूरा यक़ीन है । हमें लगता है कि पुरानी पोस्टों के मोह को भुला कर आगे बढ़ने में ही भलाई है । ख़ैर....बारिश के दिनों से ही हम 'रेडियोवाणी' पर इस गाने को चढ़ाना चाहते थे । छाया गांगुली की गाढ़ी आवाज़ में बारिश कुछ और सोंधी लगती । पर कमबख़्त मौसम ने वो दग़ा दिया है कि बंबई शहर में पानी की किल्लत हो गयी । ऐसे में 'धार-धार बरसे' आसमान से बरसती बूंदों पर क़तई लागू नहीं होता । लेकिन 'जिया जब झूमे सावन है' की तर्ज़ पर बे-मौसम बारिश का गीत सुनिए । और इसलिए सुनिए कि इसे कभी भी सुना जा सकता है ।
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