अगर आप मनोहारी सिंह के बारे में और जानना चाहते हैं तो ज़रा अंग्रेज़ी अख़बार DNA की इस लिंक पर जाएं । और मनोहारी दादा का इंटरव्यू पढें
वैसे आपको बता दें कि अगर आप सेक्सोफोन की तरंग को पहचानते हैं तो समझ लीजिए कि हिंदी फिल्मी गीतों के interludes में जहां कहीं भी सेक्सोफोन बजता सुनाई दे, उसे मनोहारी सिंह से जोड़ लीजिए । पचास के दशक से आज तक वो सेक्सोफोन बजाते आ रहे हैं । अब काश्मीर की कली फिल्म का वो गीत लीजिए--'ये दुनिया उसी की ज़माना उसी का' या फिर आरज़ू फिल्म का 'बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है' या फिर आराधना का 'रूप तेरा मस्ताना' सभी गानों में सेक्सोफोन बजाने के लिए मनोहारी दादा ने अपना जिगर फूंका है । आगे चलकर मैं अपने पॉडकास्ट के ज़रिए आपको मनोहारी दादा के सेक्सोफोन से परिचित कराऊंगा । और ज़रूर कराऊंगा । लेकिन फिलहाल कुछ बातें और फिर एक धुन ।
मनोहारी दादा के फिल्म संगीत जगत में जो सम्मान प्राप्त है वो विरलों को मिलता है । वे बेहद विनम्र हैं, बहुत कद्दावर शख्सियत हैं । दिलचस्प ये है कि आज तक लगातार वो कई स्टेज शो करते हैं । कुछ वर्ष पहले मन्नाडे के एक स्टेज शो के लिए जब हम पहुंचे तो पाया कि यहां संगीत की बागडोर तो अपने मनोहारी दादा संभाल रहे हैं । अगर आपको मनोहारी दादा को सेक्सोफोन बजाते हुए सुनना है तो यू-ट्यूब पर जाईये और ज़रा सर्च कीजिए । कई वीडियोज़ मिल जाएंगे । फिलहाल आपके लिए वो ट्यून जो मेरे लिए बहुत ख़ास है । किशोर दा के गीतों को लेकर मनोहारी दादा ने सेक्सोफोन पर बजाई धुनों का एक अलबम निकाला था 'मिसिंग यू' । concord नामक म्यूजि़क कंपनी ने इस कैसेट को रिलीज़ किया था । मेरे संग्रह में ये कैसेट सुरक्षित है । पर ये धुन मैंने जुगाड़ कर कहीं और से प्राप्त की है । तो आईये शालीमार फिल्म के इस शानदार गाने की बेमिसाल धुन से होकर गुज़रा जाए । और मुमकिन हो तो ज़रा तसल्ली से बैठिये । आंखें बंद कीजिए और हौले हौले इस धुन को दिल में उतरने दीजिए । आनंद दोगुना हो जाएगा । मनोहारी दादा-- हम आपके फ़न को सलाम करते हैं ।
"दादा-- हम आपके फ़न को सलाम करते हैं "
ReplyDeleteऔर हम आपकी पसंद को
सुनने मे आनंद आ गया। शुक्रिया ऐसी नायब धुन सुनाने का।
ReplyDeleteHello. This post is likeable, and your blog is very interesting, congratulations :-). I will add in my blogroll =). If possible gives a last there on my blog, it is about the Câmera Digital, I hope you enjoy. The address is http://camera-fotografica-digital.blogspot.com. A hug.
ReplyDeleteआपकी पोस्ट पर आने पर ही ऑडियो की जरूरत पड़ती है और पता चलता है कि तार कहीं निकले हुये हैं!
ReplyDeleteखैर, पोस्ट पढ़ी और कमेण्ट भी - स्पैम कमेण्ट सहित!
हम अंजानों को ये जानकरी देने का धन्यवाद
ReplyDeleteसच कहा आपनें यूनुस यह आँखें बंद करके चैन से सुनने वाली धुन ही तो है। आनंद आया ।
ReplyDeleteयूनुस भाई - कल आज छुट्टी में ही पुराने सारे गाने सुने - पिछले दस दिन आराम से बैठ कर सुनना नहीं हुआ था - रात देर हो रही थी - जितने instrumental pieces रहे हैं बहुत ही नायाब रहे हैं - beatles वाले गाने का अफ़साना nostalgic रहा [- वैसे आज तो Heather Mills इस पर प्रकाश डालने की स्थिति में हैं - ] होली + ईद मिलाद-उल-नबी की बहुत शुभ कामनाएं - सस्नेह - मनीष
ReplyDeleteधुन सुनते-सुनते कुछ पल को कहीं खो सा गया. मनोहारी दादा को हमारा सलाम और आपका शुक्रिया ये नायाब धुन सुनवाने के लिये.
ReplyDelete- अजय यादव
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यूनुसजी, मनोहारी दादा तो अद्भुत कलाकार थे। आप ऑडेसिटी सॉफ़्टवेयर से कैसेट से MP3 फ़ॉर्मेट रिकॉर्ड कर सकते हैं। सॉफ़्टवेयर यहाँ से डाउनलोड करें:
ReplyDeletehttp://audacity.sourceforge.net/